दही जमाने का तरीक़ा - GBKichanhelp

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दही जमाने का तरीक़ा.दूध से दही कैसे जमता है ?

दही एक भारतीय खाने की रौनक बढ़ाता है,अगर दही भोजन के साथ में हो तो भोजन करने में मजा आ जाता हैं इसे आप आसानी से घर पर भी दूध का जावन जमा कर दही तैयार कर सकते हैं।
Cooking Time : 10 minutes
Prep Time : 10 minutes
Total time :  20 minutes
Yogurt time : 10 to 12 hours
Recipe : homemade curd
Author : GBKichanhelp
Sarving size : 1 Cup ( 100g )
Calories : 96c
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दही जावन जमाने के लिए सामग्री

दूध - आवश्कता अनुसार - अमूल/सरस/डेयरी उत्पाद का गोल्ड मिल्क
छाछ ( लस्सी ) - 500g दूध में 1/2 कप छाछ
दही जमाने के लिए - स्टील भगोनी/तपेली
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दही जमाने की विधि 

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सबसे पहले स्टील तपेली/भगोनी लें उसमें आवश्कता अनुसार दूध लें कर उबाल आने तक गर्म करें।
जब दूध में उबाल आ जाएं तो दूध को ठंडा होने के लिए रख लें।

जब दूध बिल्कुल कम ठंडा ( 100% में से 10% गर्म हो ) हो जाए तो उसमें उंगली डाल कर चेक करें अगर हल्की जलन महसूस होती हैं तो दूध जावन जमाने के लिए तैयार हैं।

अब जितना आप ने दूध का जावन जमाने के लिए लिया है उसी प्रकार आप छाछ ( 500g में 1/2 कप छाछ ) लें 

अब दूध में छाछ को डाल कर रवयी से फेटे दूध में झाक आने तक इसके बाद दूध को जाली या ढक्कन से  ढक कर ऐसे स्थान पर रखें जहां का तापमान हल्का गर्म हो।

( दूध जमाने का दूसरा तरीक़ा आप दूध में छाछ डालने के बाद रवयी से दूध को फेटे नहीं बिना हिलाए जाली या ढक्कन से ढक कर ऐसे स्थान पर रखें जहां का तापमान हल्का गर्म हो। )
जब दूध का जावन जम जाएं तो सुबह का नाश्ता,दिन का भोजन और रात का खाना के साथ या चटपटी खटमिठी रेसिपी व्यंजन के साथ उपयोग करें।

दही जमाने से पहले महत्वपूर्ण जानकारी

गाढ़ा दही जमाना का तरीक़ा जानें बहुत आसान इसके लिए आप अमूल/सरस/डेयरी उत्पाद का गोल्ड मिल्क उपयोग करें।

दही वैसे तो गर्मी के मौसम में बहुत जल्दी जावन जम जाता हैं,मगर सर्दियों के मौसम में काफी समय लगता है और कभी कभी दही का जावन जमता भी नहीं है।

दही का जावन रात के समय जमाए और कम से कम 10 से 12 घंटे उसे छुए नहीं, नाही दही को बार बार हिलाएं।

दूध के जावन को फ्रिज पर या अधिक ठंडे स्थान पर नहीं रखे, ऐसे स्थान पर रखें जहां का तापमान हल्का गर्म हो जैसे - किचन, बालकनी

दूध को नाही अधिक गर्म स्थान रखे,नहीं तो पतला दही जम सकता हैं और दही का जावन नहीं भी जम सकता हैं।

अगर टाइल्स ठंडी है या मौसम अधिक ठंडा है तो आप तपेली/भगोनी के नीचे गर्म कपड़े का उपयोग करें।
दूध में आवश्कता से अधिक छाछ नहीं डाले नहीं तो दही खट्ठा हो सकता हैं।

अगर आप के पास छाछ ( लस्सी ) नहीं है तो आप दही का उपयोग कर सकते हैं,500 ग्राम में 2 टेबल स्पून ( मगर दही जायदा खट्टा नहीं हो अगर दही जायदा खट्टा है तो कम से कम 1 से डेढ़ चम्मच टेबल स्पून दही का उपयोग करें ।
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दही कब नहीं खाना चाहिए?

दही ऐसे समय नहीं खाएं जिस वक्त आप बीमार है आप को खासी,सर्दी जुखाम, नाक बहना आदि है तो आप दही खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

अगर आप बारिश में भीग कर आए है तो बिल्कुल भी दही/छाछ/लस्सी का प्रयोग नहीं करें नहीं तो आप को खासी, सर्दी जुकाम हो सकता हैं।

अगर आप किसी बीमारी से ग्रसित है तो डॉक्टर दही खाने की अनुमति देता है तो आप दही का प्रयोग कर सकते हैं।

दही खाने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए ?

दही खाने के बाद गर्म चाय नहीं पिये,नहीं तो आप को उल्टी,दस्त,जी घबराना या पेट की गैस समस्या हो सकती है, सुबह के समय भूखे पेट दही और अन्य रेसिपी व्यंजन के साथ खाने से प्रतिरोधक क्षमता और तनाव मुक्त रहता है।



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